Priyanka gandhi इंदिरा गांधी की वानर सेना की तर्ज पर लखनऊ में बनी 'प्रियंका सेना'

क्राइम रिव्यू लखनऊ: gandhi lucknow road show प्रियंका गांधी के आने से पहले कांग्रेस के बड़े नेताओं का लखनऊ आने के सिलसिला भी शुरू हो गया. इस बीच इंदिरा गांधी की वानर सेना की तर्ज पर राज्य की राजधानी में प्रियंका सेना सामने आई है.

प्रियंका गांधी में इंदिरा गांधी की परछाईं दिखती है, ये बात कांग्रेस नेता दावे के साथ कहते हैं. लखनऊ में प्रियंका को इंदिरा गांधी जैसा बताने के लिए उन्होंने एक नई सेना भी खड़ी कर दी है. इंदिरा गांधी की वानर सेना की तर्ज पर राज्य की राजधानी में प्रियंका सेना सामने आई है. गुलाबी रंग की टीशर्ट में इस सेना के 500 कार्यकर्ता प्रियंका के पूरे कार्यक्रम का जिम्मा संभालेंगे.

प्रियंका सेना का स्लोगन है- देश के सम्मान में, प्रियंका जी मैदान में. मान भी देंगे, सम्मान भी देंगे. वक्त पड़ा तो जान भी देंगे. आजतक से खास बातचीत करते हुए प्रियंका सेना के कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह जन भावना है. हम सब प्रियंका जी के लिए जान भी देने के लिए तैयार हैं. अगर भारतीय राजनीति में महिलाओं को सम्मान नहीं मिलेगा तो और कहां मिलेगा. महिलाओं को सम्मान देने के लिए हमने टीशर्ट का रंग गुलाबी चुना.

कांग्रेस महासचिव बनने के बाद प्रियंका गांधी कल पहली बार लखनऊ जा रही हैं। इसमें उनका साथ दे रही है 'प्रियंका सेना'..!

हालांकि, प्रियंका सेना के बारे में खुद प्रियंका गांधी नहीं जानती हैं. सेना के कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह हमारी सोच थी और हम सोमवार को पूरे कार्यक्रम में मौजूद होंगे. हमारा मानना है कि महिलाओं को राजनीति में आना चाहिए. महिला सशक्तिकरण बिल पास होना चाहिए और उन्हें समान अधिकार मिलना चाहिए. इस संदेश को प्रियंका सेना पूरे देश तक पहुंचाएगी.

बता दें, प्रियंका गांधी वाड्रा सोमवार को चार दिन के लखनऊ दौरे पर आ रही हैं. उनके साथ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और ज्योतिरादित्य सिधिंया भी मौजूद होंगे. कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, प्रियंका गांधी का काफिला शहर के तीन दर्जन इलाकों से गुजरेगा. हर चौक चौराहों पर प्रियंका का काफिला रुकेगा, जहां वो महापुरुषों की तस्वीरों पर माल्यापर्ण करेंगी.


संवर गया कांग्रेस दफ्तर

प्रियंका गांधी के आने से लखनऊ का कांग्रेस दफ्तर भी संवर गया है. सालों बाद दफ्तर की रौनक लौटी है. रंग-रोगन दफ्तर में नया हॉर्डिंग लगा है. प्रदेश दफ्तर में प्रियंका का कमरा भी तैयार किया गया है. ऐसा पहली बार होगा जब हाल के दिनों में कांग्रेस का कोई यूपी प्रभारी एक दिन में 13-14 घंटे दफ्तर में कार्यकर्ताओं से मिलेगा. चुनावी रणनीति बनाएगा.

क्या थी इंदिरा की वानर सेना

देश आजादी की लड़ाई लड़ रहा था. 19 नवंबर, 1917 को जन्मीं इंदिरा भी आजादी की इस लड़ाई की गवाह बनीं. उन्होंने महज 13 साल की उम्र में आंदोलनकारियों को हर तरह से मदद पहुंचाने के लिए वानर सेना का गठन किया था. क्रांतिकारियों तक महत्वपूर्ण सूचनाएं इसी वानर सेना के माध्यम से पहुंचाई जाती थी. बताया जाता है कि इस वानर सेना में केवल इलाहाबाद में ही पांच हजार सदस्य थे.


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