62 बरस का अंधेरा 2014 की उम्मीद तले
15 अगस्त 1947 को आधी रात जब जवाहरलाल नेहरु भारत को गुलामी की जंजीरों से मुक्ति का एलान दिल्ली में संसद के भीतर कर रहे थे। उस वक्त देश की आजादी के नायक महात्मा गांधी दिल्ली से डेढ़ हजार किलोमीटर दूर कोलकत्ता के बेलीघाट में अंधेरे में समाये एक घर में बैठे थे। और शायद तभी संसद और समाजिक सरोकार के बीच प.....

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इतिहास का सबसे काला अध्याय : 15वीं लोकसभा का पतन
{HEMANT KUMAR MISHRA}: 15वीं लोकसभा का हाल ही में अवसान हुआ है और उसके अवसान गीत को किस प्रकार आरंभ किया जाए। यह भारत के लोकतंत्र के सर्वोच्च मंदिर के इतिहास का सबसे काला अध्याय है। इस लोकसभा के दौरान सदन में बार-बार तीखी नोक-झोंक, व्यवधान, शोर-शराबा और यहां तक कि हाथापाई की नौबत देखने को मिली जिसन.....

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तो क्या मोदी प्रधानमंत्री नहीं बनेंगे?

मैं जानता हूं कि कितने जोखिम के साथ मैंने यह शीर्षक लिखा है। इसे पढ़कर हो सकता है, कुछ लोग मेरी मानसिक दशा का परीक्षण करने को तैयार हो जाएं! मेरे विवेक पर सवाल उठाए जाएं। बहुत संभव है कि लोग मुझ अदना पत्रकार के खिलाफ कोई मुहिम ही छेड़ दें। यह भी हो सकता है कि कुछ लोग मेरे इस पत्रकारिता पर सवाल .....

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सियासत के ब्राण्ड
नरेंद्र मोदी के शब्दों में कभी भावनाओं की आंधी होती है, कभी मुद्दों को धार देते हैं, कभी उनका अंदाज़ मखौल उड़ाने वाला होता है तो कभी उनकी बातों में देश बदलने का नजरिया होता है।

विरोधी हो, समर्थक हो या फिर तटस्थ सियासत के इस नए करिश्मे को नजरअंदाज करना अब किसी के लिए मुमकिन नहीं। गुजरात के द.....

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आरक्षण की प्रासंगिकता
वरिष्ठ और जिम्मेदार कांग्रेस नेता जनार्दन द्विवेदी के आरक्षण को लेकर दिए बयान से भले ही उनकी पार्टी के लोग इत्तेफाक नहीं रखते हों लेकिन इस बयान ने आरक्षण के मसले पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। एक बार फिर बहस हो रही है कि संविधान ने जिन मुद्दों को ध्यान में रखते हुए आरक्षण की वकालत की थी क्या अब भी वो.....

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