शराफत के चोले में शरीफ और हम
दो खबरें एक साथ पढ़ने को मिलीं। पहली अमेरिका से, जहां नवाज शरीफ अपनी चिर-परिचित चाशनी पगे अंदाज में वहां के लोगों को भरोसा दिला रहे थे कि भारत से दोस्ती के लिए उन्हें अपनी ओर से जितनी भी कोशिश करनी होगी, करेंगे। दूसरी, जम्मू से। पाकिस्तान की ओर से की गई गोलीबारी में हमारा एक जवान शहीद हो गया था। मैं.....

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नेहरू बनाम पटेल, लड़ाई पुरानी है
इस वर्ष 31 अक्तूबर को सरदार पटेल की 137वीं जयंती के अवसर पर उनकी स्मृति में विश्व की सबसे ऊंची लौह प्रतिमा की स्थापना की घोषणा के साथ ही सरदार राष्ट्रीय बहस का केन्द्र बिन्दु बन गए हैं। मीडिया में लेखों और वक्तव्यों की बाढ़ आ गयी है। सरदार को गांधी जी का अंधभक्त, नेहरू का वफादार सहयोगी, नेहरू छाप स.....

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जब पटेल ने किया कैबिनेट कमेटी की बैठक से वाकआऊट
राष्ट्रवादी अंग्रेजी साप्ताहिक ‘आर्गेनाइजर’ के दीपावली अंक में गत सप्ताह भारतीय सिनेमा के 100 साल पर विशेष परिशिष्ट निकाला गया। इस अंक में मेरे साथ किए गए एक लम्बे साक्षात्कार को भी प्रमुखता से स्थान दिया गया। पत्रिका के सम्पादक प्रफुल्ल केतकर ने अपने संवाददाता प्रमोद कुमार के साथ इस साक्षात्कार को .....

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टूट गया तिलिस्म
ईमानदार और साहसी होने के रचे गए आभामंडल सच की एक कौंध से कैसे चकनाचूर हो जाते हैं यह चंद घंटों में देश-दुनिया ने देख लिया। तहलका के तेजपाल और आम आदमी पार्टी के केजरीवाल के पीछे लामबंद उनके सारे सिपहसालार एकाएक लोगों के मन से उतर गए।
संयोग है कि जिन तीरों से धर्मनिरपेक्षता के सूरमाओं ने समय-समय प.....

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एक 'खोजी' पत्रकार का हश्र अब जब पोल खुल ही रही है तहलका की, क्यों न मैं एक-दो और खोल दूं
अब जब पोल खुल ही रही है तहलका की, क्यों न मैं एक-दो और खोल दूं आपके लिए। ऐसा करने से पहले यह कहना जरूरी है कि मुझे बेहद खुशी हुई है कि तहलका की पोल खुलने से, क्योंकि कई वर्षों से मालूम था मुझे कि इस तथाकथित खोजी पत्रिका के पन्नों में छिपे हैं कई शर्मनाक राज छिपे इसलिए रहे थे ये राज, क्योंकि हम पत्रक.....

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