सरकारी मनमर्जी के कारण घोटाले बंद होना असंभव
हाल ही में जब अमरीका में सरकारी कामकाज ठप्प (शटडाऊन) हुआ था तो संसार में किसी को भी महसूस नहीं हुआ कि वहां सरकार का कामकाज असलियत में ठप्प है। अपितु वहां कामकाज पूरी तरह से चल रहा था। इसके विपरीत भारत में देखने को लग रहा है कि सरकारी कामकाज ठीक-ठाक चल रहा है परन्तु सत्य यह है कि सरकारी कामकाज एक प्र.....

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असाध्य रोग से ग्रसित सी.बी.आई.
केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सी.बी.आई.) केवल स्वायत्तता की कमी से ही पीड़ित नहीं। बिरला-पारेख प्रकरण की हैंडलिंग से आभास मिलता है कि यह बहुत गहराई तक गल-सड़ चुकी है। ‘पिंजरे में बंद यह तोता’ बीमारी का शिकार लगता है। आएं हम पारेख-बिरला प्रकरण के कुछ पहलुओं पर नजर डालें। पहले नम्बर पर तो सी.बी.आई. का यह म.....

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राहुल गांधी खुद ही अपने ‘दुश्मन’
क्या आप इस बात से सहमत होंगे कि राहुल स्वयं ही कभी-कभी अपने सबसे बुरे शत्रु सिद्ध होते हैं?’’ पर्टी का अचानक यह सवाल सुनकर मुझे महसूस हुआ कि राहुल के हाल ही के व्यवहार की शायद यही सही व्याख्या है। सरकारी अध्यादेश संवाददाता सम्मेलन में चीथड़े उड़ाने या हाल ही के अपने भाषणों में राहुल द्वारा कही बातों.....

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शराफत के चोले में शरीफ और हम
दो खबरें एक साथ पढ़ने को मिलीं। पहली अमेरिका से, जहां नवाज शरीफ अपनी चिर-परिचित चाशनी पगे अंदाज में वहां के लोगों को भरोसा दिला रहे थे कि भारत से दोस्ती के लिए उन्हें अपनी ओर से जितनी भी कोशिश करनी होगी, करेंगे। दूसरी, जम्मू से। पाकिस्तान की ओर से की गई गोलीबारी में हमारा एक जवान शहीद हो गया था। मैं.....

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नेहरू बनाम पटेल, लड़ाई पुरानी है
इस वर्ष 31 अक्तूबर को सरदार पटेल की 137वीं जयंती के अवसर पर उनकी स्मृति में विश्व की सबसे ऊंची लौह प्रतिमा की स्थापना की घोषणा के साथ ही सरदार राष्ट्रीय बहस का केन्द्र बिन्दु बन गए हैं। मीडिया में लेखों और वक्तव्यों की बाढ़ आ गयी है। सरदार को गांधी जी का अंधभक्त, नेहरू का वफादार सहयोगी, नेहरू छाप स.....

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