न्याय मंदिरों में पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित हो
भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति आर.एम. लोढा, न्यायमूर्ति कुरियन जोसफ और न्यायमूर्ति रोहिंटन फली नारीमन पर आधारित पीठ ने बयान दिया है कि वांछित आधारभूत ढांचे सहित अतिरिक्त अदालतों का सृजन केवल प्रतीकात्मक रूप में ही नहीं बल्कि वास्तविक तौर पर होना चाहिए। फिर भी कुछ असाधारण परिस्थितियों में बलात्क.....

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भारत की राजनीति के महानायक पं. दीनदयाल उपाध्याय
पं.दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्र के सामने उभर कर तब आए जब दिसम्बर 1952 में कानपुर में उनकी देखरेख में भारतीय जनसंघ का पहला विधिवत अधिवेशन आयोजित हुआ और डा. मुखर्जी की पहले अध्यक्ष के नाते ताजपोशी हुई। वहीं उन्होंने पं. दीनदयाल उपाध्याय को महासचिव बनाने की घोषणा की। तभी से पं. दीनदयाल उपाध्याय ने जनसंघ को.....

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कैसे साकार हो ‘स्वस्थ भारत’ बनाने का सपना
मनुष्य ने बहुत कुछ प्राप्त कर लिया परन्तु धरती पर प्रसन्नता से जीना दिन-प्रतिदिन कठिन होता जा रहा है। विश्व भर में प्राकृतिक आपदाएं ही नहीं परस्पर की विषमताओं के कारण संघर्ष और विषाद बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग भी नई-नई सीमाएं पार कर रहा है। नित नए शोध हो रहे हैं, बहुत-सी बीमारियों पर विजय प्रा.....

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धर्मांतरण पर संघ का पाठ पीएम कैसे पढें?
घर वापसी सेक्यूलरिज्म की दृष्टि से बाधक नहीं है। हिन्दुत्व तो दर्शन और व्यवहार दोनों स्तर पर सर्वधर्म सम्भाव के सिद्दांत को लेकर चलता है। जिसका वेद के प्रसिद्द मंत्र," एकं सत् विप्रा: बहुधा वदन्ति " में सुदंर तरीके से उद्घोष भी है। इसलिये हिन्दुत्व को कभी भी अपनी संख्या वृद्दि के लिये धोखाधड़ी और जब.....

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जब सत्ता ही देश को ठगने लगे तो...!!!
एक तरफ विकास और दूसरी तरफ हिन्दुत्व। एक तरफ नरेन्द्र मोदी दूसरी तरफ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ। एक तरफ संवैधानिक संसदीय राजनीति तो दूसरी तरफ हिन्दू राष्ट्र का ऐलान कर खड़ा हुआ संघ परिवार। और इन सबके लिये दाना पानी बनता हाशिये पर पड़ा वह तबका, जिसकी पूरी जिन्दगी दो जून की रोटी के लिये खप जाती है। तो अरस.....

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