कलयुग के महाभारत में काशी कैसे कुरुक्षेत्र बन गयी
गंगा और बुनकर। एक काशी के आस्तित्व की पहचान तो दूसरा प्रतीक और रोजी रोटी। नरेन्द्र मोदी ने बनारस में पर्चा भरते वक्त इन्ही दो मुद्दों को उठाया। लेकिन इन दोनों मुद्दों के साय में अगर बनारस का जिक्र होगा और वह भी प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार को लेकर तो फिर आने वाले वक्त में काशी के भाग्य बदलेंगे या का.....

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आजादी के बाद पहली बार क्यों टकरा रहे हैं नेहरु परिवार और संघ परिवार
बीजेपी के पीएम उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी के निशाने पर नेहरु परिवार है। यानि जिस परिवार को कभी संघ परिवार ने निशाने पर नहीं लिया, जिस परिवार को लेकर श्यामाप्रसाद मुखर्जी से लेकर वाजपेयी और आडवाणी तक खामोश रहे। या कहें सीधे टकराव कभी मोल नहीं लिया उस समूची राजनीतिक धारा से अलग पहली बार नरेन्द्र मोदी ने .....

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भारतीय समाज में फैले कट्टरवाद के लिए सैकुलरिस्ट जिम्मेदार
लोकसभा के चुनाव अंतिम चरण में हैं। उत्तर प्रदेश की जनता को 12 मई को बड़े फैसले लेने हैं। इसलिए स्वाभाविक तौर पर तथाकथित सैकुलर दलों में बेचैनी है। प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार है, किन्तु जिनके बूते वह सत्ता पर काबिज हुई थी, वह तबका पिछले 2 सालों में उससे छिटक गया है। सपा उन्हें पुन: रिझाने का.....

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जनादेश 2014 : ‘सर्वधर्म समभाव’ की विजय
सोलहवीं लोकसभा के चुनाव में कांग्रेस समेत कथित सैकुलर लीक पर चलने का दावा करने वाले राजनीतिक दलों का सूपड़ा साफ हो गया है। इस पतन का कारण क्या है? इसकी जड़ें तलाशने के लिए हमें 80 के दशक में जाना होगा। 3 फरवरी, 1981 को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश मुर्तजा फजल अली और ए. वरदराजन की द्विसदस्यीय पीठ न.....

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विद्रोह की मशाल जलाने वालों ने पाला है मोदी का सपना
संथाल परगना : आजादी के बाद से जहां एक भी योजना पूरी नहीं हुई

चुनाव में मोदी विकास की डुगडुगी बजाकर हाशिये पर पड़े समाज में सपना तो जगा गये लेकिन सरकार बनने के बाद जो रास्ता सरकार ने पकड़ा है, उसमें चुनावी डुगडुगी की आवाज गायब क्यों हो गयी है। प्रधानमंत्री मोदी को कश्मीर की धारा ३७० की फिक्र.....

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