भटकते हुए क्या खोज रहे हैं राहुल गांधी
देश के हर रंग को साथ जोड़कर ही कांग्रेस बनी थी और आज कांग्रेस के नेता राहुल गांधी को कांग्रेस को गढ़ने के लिये देश के हर रंग के पास जाना पड़ रहा है। दिल्ली में कुलियों के बीच। झारखंड में आदिवासियों के बीच,बनारस में रिक्शा, खोमचे वालों के साथ तो गुजरात में नमक बनाने वालों के बीच। और संयोग देखिये कि 1.....

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मोदी को पारस या केजरी को पत्थर, किसे क्या मिलेगा बनारस में ?
खाक भी जिस ज़मी की पारस है, शहर मशहूर यह बनारस है। तो क्या बनारस पहली बार उस राजीनिति को नया जीवन देगा जिस पर से लोकतंत्र के सरमायेदारों का भी भरोसा डिगने लगा है। बनारस की तहजीब, बनारस का संगीत , बनारस का जायका या फिर बनारस की मस्ती। राजनीति के आईने में यह सब कहां फिट बैठता है। लेकिन नरेन्द्र मोदी औ.....

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हिन्दुओं को अपमान सहने की आदत क्यों
मुगल, ब्रिटिश और उसके बाद नेहरूवादी सैकुलर तंत्र ने इस देश में आग्रही हिन्दू बनना अपराध घोषित कर दिया था। देशभक्ति और मातृभूमि के प्रति समर्पण की चरम सीमा तक जाने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों को आज भी सरकारी नौकरी के योग्य नहीं माना जाता और इस बारे में केन्द्र तथा विभिन्न राज्य सरकारो.....

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नेहरू-गांधी परिवार के बिना भी भारत फले-फूलेगा
(HEMANT KUMAR MISHRA) नरेन्द्र मोदी की ‘फौज’ इतनी तेजी से बढ़ती आ रही है कि कांग्रेस पार्टी के चुनावी दुर्ग को निश्चय ही पैरों तले रौंद देगी। ऐसे में कांग्रेस ने ऐसी दुहाई मचा रखी है जैसे वास्तव में भारत का अस्तित्व ही खतरे में पड़ गया हो और इसे मोदी से बचाने की जरूरत है। कांग्रेस रूपी पुराने और ज.....

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आजादी के बाद मुसलमानों की अग्नि-परीक्षा !
1952 में मौलाना अब्दुल कलाम आजाद को जब नेहरु ने रामपुर से चुनाव लड़ने को कहा तो अब्दुल कलाम ने नेहरु से यही सवाल किया था कि उन्हें मुस्लिम बहुल रामपुर से चुनाव नहीं लड़ना चाहिये। क्योंकि वह हिन्दुस्तान के पक्ष में हैं और रामपुर से चुनाव लड़ने पर लोग यही समझेंगे कि वह हिन्दुस्तान में पाकिस्तान नहीं ज.....

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