सियासतदानों का क्राउड मैनेजमेंट
लोकतंत्र का महापर्व जब भी नज़दीक आता है, तो रैलियों का शोर और सियासदानों का शो अपने चरम पर होता है... देश के सभी प्रमुख राष्ट्रीय दल अपनी ताकत की नुमाइश शुरू कर देते हैं... इस नुमाइश के लिए चुन-चुन कर शहरों में रैलियां आयोजित की जाती हैं... और इन रैलियों में लाखों लोग जुटाए जाते हैं... अपनी रैली से .....

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सत्ता हर कीमत पर
सियासत में सत्ता के लिए तमाम हथकंडे अपनाए जाते हैं। चाहे वो विरोधियों पर वार हो या अपनी जय जयकार। लेकिन सियासत के मैदान में उतरी पार्टियां दिन के साथ ही अपनी नीतियां बदलने लगें तो ये कितना सही है? नेता ज़रूरत के हिसाब से रंग बदलते हैं, दल भी बदल लेते हैं ऐसे में उनकी नीतियों की बात तो नहीं की जा सकत.....

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`नो ट्रस्‍ट सिंड्रोम` में आडवाणी
बीजेपी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी अपनी ही पार्टी के लिए बीते कुछ समय से मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं... इन सबकी शुरुआत उसी वक्त से हो चुकी है जब से नरेंद्र मोदी का नाम आगे आया है... लेकिन इस वक्त जब भारतीय जनता पार्टी मोदी के सहारे 2014 में मिशन 272+ में लगी हुई है तो आडवाणी की तरफ से हो रहा ये वि.....

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बीजेपी का साउथ में `समझौता`
केंद्र में सत्ता पाने की कोशिशों में जुटी बीजेपी लगातार एनडीए का कुनबा बढ़ाने में जुटी है...तमिलनाडु की पांच पार्टियां एनडीए में शामिल हो गई हैं। इनमें एस रामदौस की पीएमके, वाइको की एमडीएमके और विजयकांत की डीएमडीके भी शामिल है...।
बीजेपी ने इन पार्टियों के साथ सीट को लेकर समझौता भी कर लिया है ......

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काशी की कसौटी पर...
लोकसभा चुनाव पास आते ही राजनैतिक गर्मी बढ़ रही है और इसके साथ ही काशी देश समेत पूरी दुनिया में चर्चा का केंद्र बना हुआ है... वजह है बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी का वाराणसी से चुनाव लड़ना... काशी Religious tourism, cultural heritage और दुनिया के प्राचीनतम शहर के रूप में मशहूर ह.....

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