हमे इंसाफ कब मिलेगा जज साहब ?

जालंधर : हमे इंसाफ कब मिलेगा जज साहब ? जी हा ये कहना उन मासूम लड़कियों का जो राज्य,शहर,नगरों,घरो आदि में बलात्कार का शिकार बनी। उन नाबालिगो ने अपनी दर्द भरी आवाज में कहा कि हमें भी इंसाफ चाहिए। भले ही 16 दिसम्बर 2012 को हुएं दामिनी सामूहिक बलात्कार मामला जिसमें आरोपियों को फांसी की सजा सुना दी गई कहे तो दामिनी को इंसाफ मिल गया लेकिन क्या उन सभी नाबालिगो को भी इंसाफ मिल पाएगा जो बलात्कार का शिकार बनी?
‘देश में क्या आप सुरक्षित है’? यही सवाल एक सर्वे कर लोगों से पूछ़ा गया जिसमें 90 प्रतिशत लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुएं कहा ‘नहीं’ और अलग-अलग जगह पर जाकर उन नाबालिगो की पुकार सुनी गई जिसमें जाना गया कि देश में अभी तक 5000 से भी ज्यादा केस पैडिग़ पड़े हुए है। जिनका कोई निपटारा ही नही हुआ। आज देश में ऐसी परिस्थति बन गई है कि हम अपने आप को सुरक्षित महसूस नहीं कर सकते। घर, बाहर कही पर भी हम सुरक्षित नहीं है क्या देश की सरकार हमे ये सुरक्षा प्रदान कर रही है जिसमें सुरक्षा व्यवस्था का कोई नाम ही नहीं है।
हर पांच मिनट में कोई न कोई लड़की बलात्कार का शिकार होती है। कोई भी राज्य,शहर,नगर ,कस्बा आदि सुरक्षित नहीं है। आज माता पिता भी अपनी बेटीं को बाहर भेजने से कतराते है कि कहीं हमारी लड़की बलात्कार का शिकार न बन जाएं। थानो अदालतों में अभी भी बलात्कार के हजारों केसो की फाइलें धूल फाक रहीं है। जिनहे अभी तक इंसाफ नहीं मिला है। ओर बलात्कार के आरोपी अभी भी खुले आम घूम रहे है। ओर घटना को अंजाम दे रहे है।
ऐसी कई घटनाएं हुई जिसमें मासूम नाबालिगो की अस्मत लूटी
* मुबई में फोटो पत्रकार के साथ सामूहिक बलात्कार
* मुबई में गणपति विसर्जन के समय भीड़ में लड़की से छेड़छाड़
* आसाराम बापू पर नबालिग से बलात्कार का आरोप
* यूपी में नाबालिग रेप पीड़िता से थाना प्रभारी ने उतरवाए कपड़े
* सगे बाप और भाई ने किया बेटीं से नौ साल तक रेप
* बलात्कार के निशान दिखाने के लिए थानाध्यक्ष ने लड़की को कपड़े उतारने को कहा
* झारखंड में कथित रेप की शिकार 12-वर्षीय लड़की ने की खुदकुशी
* चलती बस में मासूम से रेप
* स्कूल जा रही नौ साल की बच्ची से रेप
* राजस्थान के मंत्री बाबूलाल नागर ने किया नाबालिग से बलात्कार
* रेप के आरोप के बावजूद नहीं हुई मंत्री की गिरफ्तारी
* दिल्ली फिर शर्मसार, चार और नौ साल की बच्ची से बलात्कार
* बाप ने किया बेटी से बलात्कार
कहा जाए तो लड़किया आज कही पर भी सुरक्षित नहीं है। कभी रास्ते पर चलते हुए शिकार बनती है तो कही चलती बस में तो कभी घर में ही। बाहर वाले तो क्या खुद अपने ही अपनी हवस मिटाने के लिए अपनो को शिकार बना लेते है। लेकिन क्या कहना उन संतो,साधुओ के जिनहे लोग भगवान का रूप मान कर गुरु का दर्जा देते है ऐसा में जब व गल्त काम करे तो क्या कोई भगवान पर भी भरोसा करेगा। क्या इंसान आज हैवान बन चुका है जो अपनी हवस मिटाने के लिए नाबालिगो का इस्तेमाल करता है। जिन्हे हम कजंक के रूप में पूजते है और फिर उसी की ही अस्मत लूटते है। सरकार भी देश का हाल जानते हुए भी चुप बैठी है सब देख कर भी अनसुनी बनी है। सरकार अपनी पार्टी चलाने में व्यस्त है तो दूसरी तरफ हैवान खुले आम नाबालिगो की इज्जत लूटने में मस्त है।
सवाल यह उठता है कि बालात्कार का शिकार हुई उन मासूम नाबालिगों को इंसाफ मिल पाएगां। जिनकी रिपोर्ट अभी भी थानो व अदालतों में धूल फाक रही है क्या उनका निपटारा होगा? क्या लड़किया देश में राज्यों,शहरो,नगरो व घरों में कभी सुरक्षित रह पाएगी? क्या देश की सरकार कोई कदम उठाएगी ?

Posted By : Crime Review
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