महिला सुरक्षा की दृष्टि से एक-दूसरे से जोड़ी जाएंगी 1090, एंटी रोमियो और यूपी-100 सेवाएं

राज्य पुलिस महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा के लिये प्रतिबद्ध है और वह यह सुनिश्चित करेगी कि पाक्सो कानून से जुड़े मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक अदालतों में हो।

महिलाओं और बच्चियों के प्रति अपराधों पर प्रभावी रोक के लिये उत्तर प्रदेश पुलिस ने महिला हेल्पलाइन-1090, एंटी रोमियो दस्ता और यूपी-100 सेवाओं को आपस मे एक साथ जोड़ने का फैसला लिया है। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओम प्रकाश सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हम महिलाओं के खिलाफ अपराध पर लगाम को शीर्ष प्राथमिकता दे रहे हैं।

प्रदेश में पहले से ही वूमेन हेल्पलाइन (1090), एंटी रोमियो दस्ता और यूपी-100 सेवाएं मौजूद हैं, जहां महिलाएं अपनी शिकायत कर सकती हैं।

अब पीड़ितों को तुरंत मदद मुहैया कराने के लिये हम इन तीनों सेवाओं को एक-दूसरे से जोड़ रहे हैं। ऐसा करने की वजह के बारे में उन्होंने बताया कि अब जो भी पीड़ित अपनी शिकायत दर्ज कराना चाहेगा, वह इन तीनों सेवाओं में से किसी पर भी फोन कर सकता है और उसे तुरंत मदद पहुंचायी जायेगी। तीनों सेवाओं को जोड़ने से उनके बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा, जिससे पीड़ितों को कम समय में सहायता मिल सकेगी। सिंह ने बताया कि राज्य पुलिस महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा के लिये प्रतिबद्ध है और वह यह सुनिश्चित करेगी कि पाक्सो कानून से जुड़े मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक अदालतों में हो।

पुलिस ऐसे मामलों की फास्ट ट्रैक अदालतों में सुनवाई कराएगी, जिनमें आरोप पत्र दाखिल हो चुका है। राज्य पुलिस के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस साल एक जनवरी से 31 मार्च के बीच महिलाओं और लड़कियों के प्रति अपराध के 11 हजार 249 मुकदमे दर्ज हुए। इनमें से बलात्कार के 899, दहेज संबंधी 502, यौन उत्पीड़न के 2892, अपहरण के 3573 और अत्याचार के 3135 मामले है। पुलिस के मुताबिक, महिलाओं के प्रति अपराध की प्रकृति का अध्ययन करने पर पता लगा है कि बलात्कार या अपहरण के 10 में से आठ मामलों में परिचित लोगों या रिश्तेदारों का हाथ होता है।

Posted By : CRIME REVIEW
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