बुजुर्ग मां गिड़गिड़ाती रही, पैर तक पकड़ा, पर कम नहीं हुई पुलिसिया ठसक

बुजुर्ग मां गिड़गिड़ाती रही, पैर तक पकड़ा, पर कम नहीं हुई पुलिसिया ठसक

संवेदनहीनता : ये तस्वीरें देखिए आपका सिर शर्म से झुक जाएगा। शर्म से इसलिए कि ये तहजीब का शहर है...। अदब का शहर है...। शर्म इसलिए भी कि ये उस गुडंबा थाने के प्रभारी निरीक्षक का हाल है, जिसे 2017 में देश के तीन आदर्श थानों में शुमार किया गया था। सोचिए, किसी का जवान बेटा छिन जाए तो उस मां पर क्या गुजरेगी...? उसकी मन:स्थिति क्या होगी...? गुडंबा की जिस प्लाईवुड फैक्टरी में इस मां का बेटा आकाश दो साल से अपना पसीना बहा परिवार के लिए रोटियाें का इंतजाम करता था, उसी की मशीन ने पीस डाला। आकाश का भाई पिंटू भी इसी फैक्टरी में काम करता है, वो उसे अस्पताल लेकर भागा। ये वही पुलिस है जिसके सामने चकमा देकर फैक्टरी मालिक भाग निकला। पिंटू चीखता रहा कि उसके भाई को खराब हो चुकी मशीन ने लील लिया। आकाश की बुजुर्ग मां गुडंबा थाने में प्रभारी निरीक्षक तेज प्रकाश सिंह के सामने हाथ जोड़कर गुहार लगाती रही, लापरवाह फैक्टरी मालिक को पकड़ने की मांग करती रही। पर, आश्वासन, सांत्वना के दो बोल तो दूर प्रभारी निरीक्षक न तो कुर्सी से हिले और न ही उनका हाथ अपने सिर से नीचे हुआ। आखिर मां कदमों में गिर पड़ी।

Posted By : Crime Review
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