लखनऊ विकास प्राधिकरण के अवर अभियन्ता- श्री पी0एन0 पाण्डेय, अवर अभियन्ता- जी0आर0 सिहं, सहायक अभियन्ता- आर0एस0 सिहं, इनकी सत्यनिष्ठा क्यो न संदिग्ध समझा जायें ?

लखनऊ विकास प्राधिकरण के अवर अभियन्ता- श्री पी0एन0 पाण्डेय, अवर अभियन्ता- जी0आर0 सिहं, सहायक अभियन्ता- आर0एस0 सिहं, इनकी सत्यनिष्ठा क्यो न संदिग्ध समझा जायें ?

यह कि यूनिटी सिटी चैराहा ग्राम- बहादुरपुर, तहसील व जिला लखनऊ, के दक्षिण तरफ श्री दुर्गा प्रसाद पाण्डेय द्वारा लखनऊ विकास प्राधिकरण से बिना मानचित्र स्वीकृत कराये व्यवसायिक भवन का निर्माण कराया जा रहा था जिसे लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा सील कर दिया गया ।
यह कि श्री दुर्गा प्रसाद पाण्डेय द्वारा उक्त सील को तोड़ कर पुनः अवैध निर्माण शुरू करने पर लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा श्री दुर्गा प्रसाद पाण्डेय के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट अपराध संख्या-387/2015 अन्तर्गत धारा 447 आई0 पी0 सी0 दर्ज कराया गया था लेकिन पुनः लखनऊ विकास प्राधिकरण के अवर अभियन्ता- श्री पी0एन0 पाण्डेय, अवर अभियन्ता -जी0आर0 सिहं, सहायक अभियन्ता-आर0एस0 सिहं से साठगाठ कर पुनः निर्माण कार्य जारी है अतः इन अवैध निर्माण के विरूद्ध नियमों के अन्तर्गत कठोरत्तम कार्यवाही किये जाने एवं क्षेत्रीय अभियन्ताओं का उत्तरदायित्व निर्धारित कर उनके विरूद्ध भी दण्डात्मक कार्यवाही की जाने नितान्त आवश्यकता है जिससे अवैध निर्माण पर अंकुश लगाया जा सके।
श्री दुर्गा प्रसाद पाण्डेय द्वारा उक्त प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद भी अवैध निर्माण नही रोका गया एवं उक्त अवैध निर्माण के विरूद्ध माननीय उच्च न्यायालय में दो जनहित याचिका- 981/2016 हेमन्त कुमार मिश्रा बनाम उ0प्र0 सरकार एवं 1029/16 सन्त शरण वर्मा बनाम उ0प्र0 सरकार योजित की गई है जो विचाराधीन है।
उक्त दोनो जनहित याचिकाओं की सुनवाही के दौरान लखनऊ विकास प्राधिकरण के अधिवक्ता द्वारा माननीय उच्च न्यायालय को अवगत कराया गया कि उक्त अवैध निर्माण के ध्वस्त करने की कार्यवाही नियत प्राधिकारी लखनऊ विकास प्राधिकरण के यहाॅ विचाराधीन है जिसमें दिनांक.26/02/2016 की तिथि नियत है।
श्री दुर्गा प्रसाद पाण्डेय द्वारा दिनांक.20/02/2016 तक लगभग 15 दुकानों को विभिन्न ग्राहकों को अवैध रूप से बेच दिया गया है एवं बाकी दुकानो की रजिस्ट्री भी शीघ्रता शीघ्र करवाने का प्रयास किया जा रहा है।
श्री दुर्गा प्रसाद पाण्डेय द्वारा ग्राहको को यह बताया जा रहा है कि निर्माणाधीन भवन का मानचित्र लखनऊ विकास प्राधिकरण से स्वीकृत है और निर्माण मानकों के अनुरूप हो रहा है।
श्री दुर्गा प्रसाद पाण्डेय द्वारा भोले.भाले ग्राहको को ठग कर दुकानों को बेचा रहा है और ग्राहको को यह तथ्य नही बताया जा रहा है कि उक्त भवन को ध्वस्त करने की कार्यवाही लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा विचाराधीन है।
यह कि उक्त अवैध निर्माणाधीन भवन के ध्वस्त होने की सूरत मे ग्राहकों के हाथ में कुछ भी नही आयेगा
श्री दुर्गा प्रसाद पाण्डेय को उक्त निर्माणाधीन भवन में निर्मित दुकानों को बेचने से रोका जाये जिससे कि भोले.भाले ग्राहकों का धन डूबने से बचाया जा सके और उनके साथ कोई धोखा न हो सके।

Posted By : Crime R
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