लखनऊ नगर निगम के नगर आयुक्त उदयराज सिहं के भ्रष्टाचार ने डेंगू को बनाया महामारी

मै उदयराज सिहं नगर आयुक्त नगर निगम मै आपको अच्छी तरह समझा दूॅ कि मै सिस्टम का हिस्सा हूँ मेरा काम मै अच्छी तरह से जानता हूँ आपको हमसे दिक्कत है/डेंगू के महामारी की चिन्ता है तो आप माननीय उच्च न्यायालय के शरण में जा सकतें है डेंगू और चिकनगुनिया का प्रकोप जो महामारी का रूप ले चुका है वह सिर्फ गरीबों में फैला है और गरीब जनमानस के लिए न सरकार होती है न सिस्टम ।
डेंगू से बचाव हेतु दवाइयों के छिड़काव के लिए आवंटित धनराशि को नगर निगम के अधिकारी पहले ही मिल बाँट कर खा चुके हैं।
इस मामले में लगभग 550 से भी ज्यादा आरटीआई दी गयी हैं लेकिन नगर निगम की तरफ से कोई उत्तर नहीं आया है।
उत्तर प्रदेश में डेंगू का कहर अब महामारी बन चुका है।
शहर में गन्दगी का आलम अपने चरम पर है।
जगह.जगह जलभराव और गन्दगी डेंगू के मच्छरों को पनपने के लिए पर्याप्त माहौल मुहैया करा रहे हैं।
डेंगू से अब तक लगभग 150 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
वहीँ स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पर मुख्यमंत्री ने खुद संज्ञान लेकर डेंगू की समस्या से निपटने के निर्देश दिए लेकिन बेअसर साबित हुए।
प्रदेश में डेंगू से बिगड़े हालातों के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ ही नगर निगम में भ्रष्टाचार की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।
डीएम लखनऊ ने भी डेंगू प्रभावित इलाकों में निरीक्षण कर नगर निगम कर्मियों पर एफआईआर दर्ज करने की बात कही थी लेकिन महाभ्रष्टाचारी भ्रष्ट को क्या ड़ाटेगा धमकी बेअसर
उत्तर प्रदेश सरकार की संवेदनहीनता पर क्या कहा जाए विपक्ष भी केवल आगामी चुनाव पर यात्राएँ व रैली में व्यस्त है।

Posted By : Crime Review
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