मैं डाॅ0 अनूप यादव आई0ए0एस0 मै सिस्टम हूँ और सिस्टम भ्रष्ट नही होता भ्रष्टाचार के लिये ही होता है।

माननीय मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का चहेता आई0ए0एस0 डाॅ0 अनूप यादव के प्रति अखिलेश यादव से मित्रवत् सम्बन्ध का हवाला देते हुए डाॅ0 अनूप यादव आई0ए0एस0 पूर्व मण्डी निदेशक, मण्डी परिषद् के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के मौन सहमति से बने भस्मासुर...........................

डा0 अनूप यादव को मण्डी परिषद् का निदेशक के रूप में लगभग 4 वर्ष तक कार्यरत् रहे किन्तु कोई भी दिन ऐसा नहीं जाता जिस दिन मण्डी परिषद् के मुख्यालय किसान मण्डी भवन के समक्ष किसी न किसी विषय को लेकर धरना प्रदर्शन न होता हों।

लखनऊ जिला के सम्मानित अखबारों का कुछ अंश निम्नवत् है।-

1. मैनफोर्स पेज-01 दिनांक-01.01.2016 काली कमाई के रोल माॅडल आइ0ए0एस0 डाॅ0 अनूप यादव ।

2. हिन्दुस्तान पेज-09 दिनांक-22.01.2016 निदेशक को हटाने की माँग ।

3. अमर उजाला पेज-04 दिनांक-22.01.2016 भारतीय जनसंचार पार्टी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ दिया धरना ।

4. कैनविज टाइम्स पेज-04 दिनांक-22.01.2016 डायरेक्टर की प्रतिनियुक्ति की हो सी0बी0आई0 जाँच

5. दैनिक जागरण पेज-02 दिनांक-22.01.2016 मण्डी परिषद् में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ धरना ।

6. मैनफोर्स पेज-06 दिनांक-01.02.2016 भ्रष्टाचार के खिलाफ बी0जे0एस0पी0 का हल्लाबोल ।

7. नवभारत टाइम्स पेज-07 दिनांक-10.05.2016 मण्डी परिषद् का घेराव

8. दैनिक जागरण पेज-08 दिनांक-11.05.2016 सी0बी0आई0 जाँच की माँग ।

9. हिन्दुस्तान पेज-21 दिनांक-11.05.2016 भ्रष्टाचार के लिये मण्डी परिषद् में जाँच की माँग ।

10. नवभारत टाइम्स पेज-06 दिनांक-11.05.2016 जनसंचार पार्टी ने किया मण्डी परिषद् का घेराव

11. नवभारत टाइम्स पेज-01 एवं 05 दिनांक-17.05.2016 महत्वपूर्ण बैठक के बाद निकली लपटे, फाइले राख एवं सबकुछ जल गया तब दी गयी फायर ब्रिगेड को सूचना ।

12. दैनिक जागरण पेज-01 एवं 07 दिनांक-17.05.2016 किसान मण्डी भवन में लगी आग (साजिश की बू) एवं रविवार को भवन में फाइलों का हवन ।

13. राष्ट्रीय सहारा पेज-04 दिनांक-17.05.2016 मण्डी परिषद् कार्यालय में लगी आग (घोटालों पर पर्दा डालने को प्रयास तो नहीं)

14. आइनेक्स पेज-03 दिनांक-17.05.2016 मण्डी परिषद् में आग से फाइले राख (हादसा या साजिश)

15. अमर उजाला पेज-01 एवं 04 दिनांक-17.05.2016 अग्निकाण्ड में करोडों के मण्डी शुुल्क घपले का रिकार्ड का स्वाहा

16. हिन्दुस्तान पेज-01 एवं 05 दिनांक-18.05.2016 मण्डी भवन की आग में घोटाले की फारले राख ।

17. अमर उजाला पेज-05 दिनांक-केन्द्रीय मदद के रिकार्ड जलाना तो नही था, अग्निकाण्ड का मकसद ।

18. नवभारत टाइम्स पेज-01 एवं 05 दिनांक-18.05.2016 मण्डी परिषद् में होनी थी 17 घोटालो की जाँच ।

19. नवभारत टाइम्स पेज-01 एवं 05 दिनांक-19.05.2016 एक और सकरकारी दफ्तर जला (सुलगते सवाल ?)

20. अमर उजाला दिनांक-19.05.2016 बिजली सप्लाई बन्दी थी, फिर शार्ट शर्किट कैसे

21. नवभारत टाइम्स पेज-10 दिनांक-25.05.2016 कार्यकाल पूरा, अयोग्य है, फिर भी चला रहे मण्डी परिषद्

22. अमर उजाला पेज-03 दिनांक-27.05.2016 साजिश के तहत लगायी गयी थी, मण्डी भवन मे आग

23. अमर उजाला पेज-01 एवं 03 दिनांक-31.05.2016 साजिश के तहत लगायी गयी थी, मण्डी भवन में आग एवं महत्वपूर्ण फाइले जलाने को मण्डी भवन में लगायी गयी थी आग

24. अमर उजाला पेज-01 एवं 04 दिनांक-01.06.2016 मण्डी भवन में आग एवं दीवार तोड़कर देखी, पर कही नही मिले शार्ट शर्किट के निशान


25. अमर उजाला पेज-01 एवं 04 दिनांक-07.06.2016 शार्ट शर्किट से नही लगी थी मण्डी भवन में आग ।

26. नवभारत टाइम्स पेज-01 एवं 04 दिनांक-07.06.2016 शार्ट शर्किट से लगी थी मण्डी परिषद् में आग

27. अमर उजाला पेज-01 एवं 04 दिनांक-09.06.2016 जब बिजली सप्लाई बन्द थी तो कैसे शार्ट शार्किट ।

28. कैनवीस टाइम्स पेज-04 दिनांक-12.06.2016 9 हजार करोड़ के घपले से बचने को आग का सहारा ।

29. अमर उजाला पेज-07 दिनांक-16.06.2016 मण्डी परिषद् के निदेशक के खिलाफ निकला मार्च ।

30. नवभारत टाइम्स पेज-08 दिनांक-16.06.2016 आग की सी0बी0आई0 जाँच के लिये प्रदर्शन ।

31. राष्ट्रीय सहारा पेज-08 दिनांक-16.06.2016 भ्रष्टाचार की सी0बी0आई0 जाँच की माँग ।


नियमित एवं योग्य सहायक अभियन्ताओं की अनदेखी, चहेतों में बंदरबांट

मण्डी परिषद् में रामकृष्ण पाण्डेय, गिरधारी लाल, शिवचरन लाल, सरोज कुमार, राजाराम मौर्या, अनिल त्रिपाठी, राजीव, पवन कुमार सिहं, पंकज कुमार गुप्ता, विजय पाल सिहं, श्याम सिहं, रवेन्द्र सिहं, विमलेश चन्द्र मिश्रा एवं खालिद हसन जैसे नियमित एवं योग्य सहायक अभियन्ता पहले से ही है जिनके पास कोई भी प्रभार नही है।

लेकिन चूंकि-
झाँसी, फर्रूखाबाद, शाहजहाँपुर, कानपुर देहात में विकास कार्यो हेतु हजारो करोड़ रूपये का भुगतान प्रस्तावित है इसी वजह से डाॅ0 अनूप यादव ने नियमों को ताख पर रखतें हुए वैकल्पिक व्यवस्था की आंड़ में अपने चहेतों से 45 से 50 लाख रूपयें लेकर अतिक्ति प्रभारी बनाया जिससे कि कमीशन की बंदरबाट में कोई भी असुविधा न हो सके।

डा0 अनूप यादव द्वारा विभिन्न विभागों के अनुपयुक्त व्यक्तियों जैसे

श्री जितेन्द्र यादव, उपनिदेशक (निर्माण),
श्री पी0 के0 सक्सेना, उपनिदेशक (निर्माण), उपनिदेशक शाहजहाँपुर,
श्री राम बिलास, उपनिदेशक (निर्माण) फर्रूखाबाद,
श्री राम पाल यादव उपनिदेशक (निर्माण) कानपुर देहात का अतिरिक्त प्रभार दिया गया ।

माननीय मुख्यमंत्री, उ0प्र0 सरकार।
मुख्य सचिव, उ0प्र0 शासन।
श्रीमान् प्रमुख सचिव, कृषि निर्यात एवं विपणन, उ0प्र0 शासन लखनऊ।
श्रीमान् प्रमुख सचिव, गृह, उ0प्र0 शासन लखनऊ।
कृषि उत्पादन आयुक्त, उ0प्र0 शासन लखनऊ।
निदेशक, राजस्व एवं विशिष्ट अभिसूचना, उ0प्र0 सचिवालय, लखनऊ।
प्रमुख सचिव सर्तकता विभाग, उ0प्र0 शासन।
आई0जी0 विजिलेंस, लखनऊ।

नोटः- इस प्रकरण के सम्बन्ध में उपरोक्त समस्त अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया गया लेकिन कार्यवाही के नाम पर डाॅ0 अनूप यादव सबको मैनेज कर गया।

उपरोक्त अधिकारियांे के संज्ञान में समस्त प्रकरण को दिनांक-07.06.2016 और 30.06.2016 को लाया गया लेकिन सिस्टम पर हावी जाति विशेष के वर्चस्व एवं डाॅ0 अनूप यादव, पूर्व निदेशक, मण्डी परिषद् के रसूख के चलते कार्यवाही करने से मुख्यमंत्री से लेकर मुख्य सचिव तक सभी के हाथ-पैर फूले।

महामहिम राज्यपाल से ही आखिरी आस लेकिन यहाँ भी लगा निराषा हाथ

मण्डी परिषद् में 70 करोड़ से ज्यादा के 17 मामलों में 12 मई को विधानसभा की आॅडिट आपत्ति निस्तारण कमेटी ने नाराजगी जताते हुए जाँच के आदेश दिये थे, एवं इसके चैथे ही दिन लगी आग में मामले से जुड़ी ज्यादातर फाइलें राख हो गयी। ऐसा माना जा रहा है लगभग रू0 9,000 करोड़ से ज्यादा के घोटालों में मण्डी परिषद् के निदेशक श्री हाकिम सिहं यादव, सिस्टम मैनेजर डा0 सुनील कुमार यादव, विधि परामर्शी श्री बलराम यादव, सिस्टम एनालिस्सिट श्री सत्येन्द्र कुमार तिवारी, उपनिदेशक (प्रशा0/विप0) श्रीमती मन्जू मिश्रा, इन लोगो की गतिविधि सन्देहात्मक प्रतीत होती है। सम्भवतः इन लोगो ने ही साजिश के तहत सारे दस्तावेजो को आग लगाकर भस्म करने का निर्णय लिया हों। जिसकी सूचना राज्यपाल महोदय को दिनांक-07.06.2016 एवं दिनांक-23.07.2016 को महामहिम राज्यपाल को दिया गया था लेकिन दिनांक-26.10.2016 पत्रांक संख्या- पी0आई0ओ0ः-1734/जी0एस0 संगीता सिहं अनुभाग अधिकारी नंे बड़ा ही दुर्भाग्य पूर्ण उत्तर दिया कि हमें पत्र ही प्राप्त नही हुआ है इससे प्रतीत होता है कि हम्माम में सब नंगे है।

लगता है प्रदेश में योग्य नौकरशाहों का अकाल पड गया है या फिर माननीय मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नजर में कर्मठ नौकरशाह योग्य नही होते है तभी तो वर्ष 2002 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के महाराष्ट्र कैडर के अधिकारी डा0 अनूप यादव को प्रतिनियुक्ति पर लाकर उ0प्र0 राज्य कृषि उत्पादन मण्डी परिषद् का निदेशक बना दिया गया जबकि प्रदेश में तमाम नौकरशाह प्रतीक्षारत है ऐसा प्रतीत होता है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को सबसे योग्य भ्रष्ट अधिकारी ही पसन्द है उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मुख्यमंत्री कम निर्मल बाबा का दरबार ज्यादा लगता है।












Posted By : Crime Review
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