कहीं ऐसा तो नही कि जो असहिष्षुणता का उत्पादन कर रहे थे उनकी फैक्टरियां नोटबंदी के कारण बन्द हो गयी है ?

इस देश की असहिष्षुणता को क्या सांप सूंघ गया है ? क्या असहिष्षुणता देश छोड़कर कहीं चली गयी है या लूट्यन्स दिल्ली के किसी बंगले में जा छुपी है? या देश में भ्राता सौहार्द लौट आये हैं इसलिए अब सब कुछ शांत है ? समाज भी शांत , सरकार भी शांत. इसलिए असहिष्षुणता परलोक सीधार गयी.
कहीं ऐसा तो नही कि जो असहिष्षुणता का उत्पादन कर रहे थे उनकी फैक्टरियां नोटबंदी के कारण बन्द हो गयी है ? इसलिए पिछले दो महीने से मुद्दा नोटबंदी हो चला है...और वो पुरुस्कार लौटाने वाले भी ना जाने अचानक कहाँ चले गए ? ना मुन्नवर राणा दिख रहे हैं ना अशोक वाजपेयी. कुछ तो पदमश्री वाले अभी भी बचे हैं ..तो जनाब अब क्यों नही लौटा रहे हैं अपने सरकारी खिताब ? अरे कोशिश तो कीजिये ..एनडीटीवी में तो खबर बन ही जाएगी. न बने तो झोले में पुरूस्कार रखकर किसी टीवी स्टूडियो में बैठ जाइए ...सीधे स्क्रीन पर अपने झोले से पुरूस्कार निकालकर वापसी का एलान कर दीजिये ... लाइव खबर विस्फोट होगी और विस्फोट होते ही वायरल हो जाएगी .दरअसल संकट ये है कि इस देश में मुद्दे रिपीट नही होते. एक्सक्लूसिव ढूंढे जाते है. और ढूंढें ना जा सकें तो छद्म गढ़े जाते हैं. जैसे ...लव जिहाद के मुद्दे को बीफ के मुद्दे ने अचानक बदल दिया था ..फिर कुछ ही दिनों में बीफ के मुद्दे को पुरुस्कार वापसी ने बदला और पुरुस्कार वापसी को किसी और ने. आजकल देश में मुद्दा नोटबंदी है. लेकिन थोड़ा पुराना हो रहा है ...इसलिए अब नोटबंदी को किसी और मुद्दे से बदलने की तैयारी है ?
GST एक बेहतर मुद्दा हो सकता है और चुनाव के बीच बजट लाने को भी अगर गहरी प्लानिंग के साथ वायरल किया जाय तो ये मुद्दा रंग ला सकता है.आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल को बर्खास्त करने का मुद्दा भी कमज़ोर नही है. एकाध महीने तो चलेगा ही . वैसे भी सिर्फ 5 हज़ार रूपए पर फेसबुक पर इस मुद्दे को बूस्ट करके माहौल गरम किया जा सकता है. थोड़ा पैसा लगाकर ट्विटर पर स्पांसर करें तो माहौल और भी जल्दी गरम होगा. वैसे भी देश आगे बढ़े या ना बढ़े ...देश का माहौल गरम रहना चाहिए.बात लम्बी हो रही है इसलिए संक्षेप में देश के 'कुर्ता फाड़' मुद्दा निर्मातकों से निवेदन है.... कि कम से कम मुद्दे तो स्थिर रखिये.
अस्थिर मुद्दों से आपका शत्रु और स्थिर हो रहा है.

Posted By : crime review
Like Us on Facebook