फर्रुखाबाद में 49 बच्चों की मौत के मामले में उच्चस्तरीय जांच समिति गठित

जिलाधिकारी, सीएमओ और सीएमएस को हटाया गया, एफआईआर को लेकर उठ रहे सवाल
लखनऊ. फर्रुखाबाद स्थित डॉ.राम मनोहर लोहिया संयुक्त चिकित्सालय में तीस दिन में हुई 50 मौतों के प्रकरण की जांच के लिए महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डॉ. पद्माकर सिंह ने एक उच्च स्तरीय समिति गठित कर दी है. निदेशक सीएचसी-पीएचसी डॉ. रुकुम केश के नेतृत्व में गठित टीम में उनके साथ एडी मंडल कानपुर डॉ. ओ पी विश्वकर्मा शामिल हैं. दूसरी ओर 50 बच्चों की मौत के बाद सरकार द्वारा तुरंत कारर्वाई करते हुए फर्रुखाबाद के जिलाधिकारी, सीएमओ और अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को हटा दिया गया है. इनमें सीएमओ और सीएमएस के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई गयी है,
घटना की जांच के लिए गठित की गयी समिति के बारे में जानकारी देते हुए महानिदेशक डॉ. पद्माकर सिंह ने इंडिया संवाद से बताया कि घटना की जांच के लिए दोनों अधिकारियों को फर्रुखाबाद जाने के निर्देश दे दिए हैं. इस बीच प्रशासन की ओर से लिखाई गयी एफआईआर को लेकर फर्रुखाबाद के डाक्टरों में रोष है. उनका तर्क है कि बिना किसी टेक्निकल व्यक्ति को जांच में शामिल किये यह कैसे माना जा सकता है कि बच्चों की मौत ऑक्सीजन की कमी के कारण हुई है. इस बारे में प्रोविशियल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अशोक यादव से पूछा गया तो उन्होंने भी कहा कि बिना टेक्नीकल जांच के दोषी ठहराते हुए प्रशासन द्वारा एफआईआर लिखाना ठीक नहीं है, उन्होंने कहा कि हम लोग अपने स्तर से जांच करने के बाद ही तथ्य सहित मुख्यमंत्री से मिलेंगे.
इस बीच सीएमएस डॉ. बीबी पुष्कर ने अपनी सफाई में कहा है कि 50 बच्चों की मौत का आंकड़ा पूरी तरह गलत है. उनका कहना है कि इनमें 19 बच्चों की मौत माँ के गर्भ में ही हो गयी थी, जबकि 18 बच्चों की मौत फेफड़ों में ऑक्सीजन की कमी से हुई है और प्रशासन यह समझ रहा है कि सबकी मौत ऑक्सीजन की कमी से हुई है.

Posted By : Crime Review
Like Us on Facebook