भ्रष्टाचार के पहले मामले में फंसे भाजपा के ताकतवर मंत्री, हाईकोर्ट ने कहा-बचा रही जांच एजेंसी

असम में भाजपा के ताकतवर मंत्री भ्रष्टाचार के मामले में फंसते दिख रहे हैं।
नई दिल्लीः असम की भाजपा सरकार में नंबर दो की हैसियत रखने वाले हेमंत विश्व शर्मा भ्रष्टाचार के मामले में घिर गए हैं। गुवाहाटी हाईकोर्ट ने अपनी निगरानी में सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं। जिससे न केवल शर्मा बल्कि पूरी भाजपा सरकार मुश्किलों में घिर गई है। हाईकोर्ट ने असम की जांच एजेंसी की भूमिका संदिग्ध पाने के बाद केस को सर्वोच्च जांच एजेंसी को सौंपने का फैसला किया। चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपाई बने शर्मा इस वक्त असम सरकार में स्वास्थ्य मंत्री हैं।
क्या है मामला

मामला 2015 का है। असम में वाटर सप्लाई के लिए अमेरिकी कंपनी लुईस बर्जर को जिम्मा मिला था। इस बीच यूएस जस्टिस डिपार्टमेंट की जांच में खुलासा हुआ कि इस कंपनी ने साम के कुछ बड़े अफसरों और नेताओं को घूस खिलाकर ठेका हासिल किया। यह घूस करीब नौ लाख 76 हजार 630 डालर रही। जांच के बाद अमेरिकी सरकार ने कंपनी पर पेनाल्टी ठोंका।

जिस बुकलेट को भाजपा ने लांच किया, उसी में घोटाले की कहानी

21 जुलाई 2015 को नयी दिल्ली में भाजपा आलाकमान ने एक बुकलेट रिलीज की थी। वॉटर सप्लाई स्कैम 2015 नामक की इस बुकलेट में गुवाहाटी और गोवा में पेयजल सप्लाई घोटाले को उजागर किया था। जिस मीटिंग में यह बुकलेट लांच हुई, उसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल थे। बुकलेट में कहा गया था कि इस बड़े घोटाले के प्रमुख संदिग्ध गुवाहाटी डेवलपमेंट डिपार्टमेंट है, जिसके प्रभारी मंत्री हेमंत विश्वकर्मा है। इस प्रोजेक्ट में अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनी लुईस बर्जर की सेवाओं पर सवालिया निशान लगाया गया था। भाजपा ने इस मुद्दे को असम इकाई को चुनावी मुद्दा बनाने को कहा। मजे की बात रही कि चुनाव के कुछ ही महीने पहले हेमंत विश्वकर्मा भाजपा में शामिल हो गए। असम में पहली बार भाजपा को सफलता हाथ लगी। सरकार बनी तो श्रेय हेमंत विश्वकर्मा को भी गया। जिसके बाद सर्बानंद सोनवाल जहां सीएम बने वहीं हेमंत विश्वकर्मा को स्वास्थ्यमंत्री बनाया गया।

सीआइडी ने जांच में की लीपापोती तो हाईकोर्ट की फटकार

इस घोटाले की जांच असम की सीआइडी कर रही थी। मगर हेमंत विश्व शर्मा से कनेक्शन होने के कारण सीआइडी ने जांच में लीपापोती शुरू कर दी। जिसके चलते गुवाहाटी हाईकोर्ट को तीन बार सीआइडी को तलब करना पड़ा। हाईकोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सीआइडी क्यों जांच नहीं कर रही कि कंपनी ने किसको-किसको पैसा खिलाया। सीआइडी की भूमिका संदिग्ध पाते हुए सच सामने लाने के लिए अब हाईकोर्ट ने सीबीआई को जांच सौंपी है। इसे हेमंत के लिए झटका माना जा रहा है।

Posted By : Crime Review
Like Us on Facebook