यूपी एसटीएफ को मिली बड़ी कामयाबी, जाल में फंसा इनामी बदमाश मुनेश यादव

चंबल के खूंखार डाकू गिरोहों का सक्रिय सदस्य रह चुके मुनेश का इतना खौफ कायम था कि उसके फरमान को सुन दहशतजदा लोग उसे अपनी खेतीबाड़ी भी बेचकर रंगदारी अदा कर देने को मजबूर होते थे।

कानपुर : कानपुर की एसटीएफ इकाई द्वारा की गई गिरफ्तारी से आधा दर्जन जिलों में कायम ‘मुनेश यादव’ की दहशत का जंगलराज अब खत्म हो गया है। उत्तर प्रदेश में जालौन, औरैया और इटावा और मध्य प्रदेश के भिंड जिले के बीहड़ी गांवों में आतंक फैलाने वाले 15 हजार के इनामी डकैत मुनेश यादव को एसटीएफ ने दबोच लिया है। वह पिछले साल झांसी कोर्ट में पेशी के दौरान पुलिस हिरासत से भाग गया था। उस पर हत्या, अपहरण, बलात्कार सहित दर्जनों मामले दर्ज हैं।

रंगदारी अदा करने को मजबूर थे लोग

जालौन जिले के रामपुरा थाना क्षेत्र के सुल्तानपुरा जागीर गांव निवासी इनामी डकैत मुनेश यादव बीहड़ के गांवों में रंगदारी वसूलता था। चंबल के खूंखार डाकू गिरोहों का सक्रिय सदस्य रह चुके मुनेश का इतना खौफ कायम था कि उसके फरमान को सुन दहशतजदा लोग उसे अपनी खेतीबाड़ी भी बेचकर रंगदारी अदा कर देने को मजबूर होते थे।


मुनेश का जानी दुश्मन बन गया था सलीम गुर्जर

एसटीएफ की हिरासत में मुनेश यादव ने बताया कि 1996 में उसकी सलीम गुर्जर गैंग ने पकड़ कर ली थी। डेढ़ माह तक वह सलीम गैंग की पकड़ में रहा। बाद में पुलिस मुठभेड़ में सलीम के कई साथी मारे गए और वह भाग निकल। इसके बाद से सलीम उसका दुश्मन बन गया था। इसी दौरान डाकू जगजीवन गैंग से उसका दोस्ताना हो गया था।

Posted By : crime review
Like Us on Facebook