यूपी के चित्रकूट में डकैत शारदा कोल एनकाउंटर में ढेर, पुलिस ने रखा था 12 हजार का ईनाम

लखनऊ :चित्रकूट के जंगलों में दस दिन से पुलिस को नचा रहे डकैत शारदा कोल को रविवार को आखिरकार पुलिस ने मार गिराया. देर रात निहि इलाके के मढियां के जंगलों में मारे गए इस डकैत पर 12 हजार का इनाम पुलिस ने घोषित कर रखा था. बताया जा रहा है कि दोनों ओर से हुई आधे घंटे तक फायरिंग के बाद पुलिस को इस डकैत का एनकाउंटर करने में कामयाबी मिल सकी.डकैत शारदा कोल को रविवार को आखिरकार पुलिस ने मार गिराया. देर रात निहि इलाके के मढियां के जंगलों में मारे गए इस डकैत पर 12 हजार का इनाम पुलिस ने घोषित कर रखा था.

मुखबिर ने दी सूचना

रिपोर्ट के मुताबिक चित्रकूट पुलिस ने मुठभेड़ में शहीद सब इंस्पेक्टर का बदला लेने के लिए चित्रकूट पुलिस लगातार जंगलों में काम्बिंग कर रही थी. बीती रविवार रात को पुलिस को सूचना मिली कि निहि के मढ़िया के जंगल में कुछ डकैत छिपे है. जिसके चलते पुलिस ने जंगल में डकैत शारदा कोल की तलाश में घेराबंदी कर दी. नतीजतन दोनों ओर से करीब आधे घंटे तक चली फायरिंग के बाद पुलिस को शारदा कोल का एनकाउंटर करने में सफलता मिली. बता दें कि 24 अगस्त को दस्यु बबली गैंग की औदर जंगल में हुई मुठभेड़ के दौरान घायल डाकुओं को लेकर भागने वाला डाकू शारदा कोल ही था. एसपी प्रताप गोपेंद्र सिंह और अपर एसपी बलवंत चौधरी मुठभेड़ के समय जंगल में मौजूद रहे.

डीआईजी ने की घटना की पुष्टि


डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी ने बताया कि पुलिस ने रविवार देर रात निहि इलाके के मढिया के जंल में 12 हजार में इनामी डकैत शारदा कोल को मार गिराया. जंगल से उसका शव भी बरामद कर लिया गया है. शारदा कोल साढ़े पांच लाख के इनामी डकैत बबली कोल गिरोह सदस्य था. 24 अगस्त की पुलिस से मुठभेड़ में भी यह शामिल था. इसमें एक दारोगा की मौत हो गई थी और एक घायल हो गया था. तब से पुलिस लगातार जंगलों की खाक छान रही थी.

कौन है बबली कोल ?

30 साल के बबुली पर 7 लाख लाख रुपए का इनाम है। 2016 में मारे गए बलखड़िया गैंग में शार्प शूटर था. बाद में सरगना बना. गैंग में 15 सदस्य हैं. बबली पर 5 मर्डर का आरोप है. बताया जाता है कि वह स्मार्ट फोन रखता है और वॉट्सऐप और गूगल मैप का इस्तेमाल भी करता है. इन्हीं के जरिए लोगों को धमकाता है. इस गैंग के पास एसएलआर रायफलें भी हैं. इसके मुखबिर कई बार पुलिस के मुखबिरों से तेज साबित होते हैं. ज्यादातर ये गैंग कई तरीकों से वसूली करता है.

Posted By : Crime Review
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