हिटलर की मौत के नाम है 30 अप्रैल का दिन, जानिए कैसे खौफ में गुजरे तानाशाह की जिंदगी के अंतिम पल

धायं...कमरे में एक गोली की चली। लेकिन कोई हिला नहीं। सब सदमें में थे, वहां मुर्दाघर जैसा सन्नाटा पसरा हुआ था। कुछ देर बाद किसी ने कहा अब दरवाजा खोला जाए।

आज से 73 साल पहले की बात है। जर्मनी पर लगातार बम की बारिश हो रही थी। लोग घरों में दुबके हुए थे। बर्लिन खंडहर जैसा दिखता था। रूस की रेड आर्मी और अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस की सेनाएं जर्मनी की गर्दन तक पहुंचने वाली थी। इसी दौरान बर्लिन में एक बंकर में दुनिया का सबसे बड़ा तानाशाह बेहद खौफ में था। उसे डर था कि कहीं रूस की सेनाएं उसे जिंदा ना पकड़ लें। वह किसी भी हाल में उनके चंगुल में फंसना नहीं चाहता था। उस वक्त इस शख्स पर 60 लाख लोगों के खून का इल्जाम था, जिसमें 15 लाख तो बच्चे थे। दुनिया को दूसरे विश्व युद्ध में झोंकने के लिए जिम्मेदार इस तानाशाह ने अपनी मौत की प्लानिंग बनानी शुरू कर दी थी। हिटलर के शाही बॉडीगार्ड में शामिल रोचस मिस उस वक्त उस बंकर में मौजूद थे। साल 2009 में 92 साल की उम्र पूरा करने वाले रोचस मिस ने तब एक इंटरव्यू में पूरा वाकया हिस्ट्री चैनल को बताया था। उस वक्त रोचस मिस महज 27 साल के तेज-तर्रार सैनिक थे।

इस घटना से सिर्फ एक दिन पहले 29 अप्रैल 1945 को हिटलर ने अपनी प्रेमिका इवा ब्राउन से शादी की थी। कहते हैं कि अपने सामने हार को देखते हुए जब हिटलर ने इवा से शादी का प्रस्ताव रखा तो वह सन्न रह गई। 30 अप्रैल को हिटलर अपने दोस्तों और विश्वासपात्र जनरल से मिला और उन्हें अंतिम विदाई दी। हिटलर ने अपने सैन्यकर्मियों की आखिरी सलामी भी स्वीकार की। इसके बाद हिटलर और इवा ने खुद को बंकर में बने एक कमरे में कैद कर लिया। रोचस मिस कमरे के बाहर अपने पोस्ट पर तैनात रहे। कुछ पलों तक कमरे के बाहर सन्नाटा रहा। हिटलर के जनरल समझ नहीं पाए कि आखिर क्या होने वाला है। सबकी धड़कनें बढ़ गई, बर्लिन की कड़कड़ाती सर्दी में भी दुनिया के खौफनाक जनरलों के पेशानी पर पसीने आ रहे थे।

धांय…कमरे में एक गोली की चली। लेकिन कोई हिला नहीं। सब सदमे में थे, वहां मुर्दाघर जैसा सन्नाटा पसरा हुआ था। कुछ देर बाद किसी ने कहा कि अब दरवाजा खोला जाए। रोचस मिस कहते हैं, “निश्चित रूप से मेरे अंदर जिज्ञासा थी, मैंने अपना कदम आगे बढाया। मैं उस दृश्य को कभी नहीं भूलता हूं, हिटलर का सिर टेबल पर पड़ा हुआ था, इवा सोफे पर थी, उसका सर हिटलर की ओर था।” रिपोर्ट के मुताबिक, इवा ने सायनाइड की गोलियां खा ली थी। लेकिन किसी ने हिटलर को ट्रिगर दबाते नहीं देखा, ना ही कोई तस्वीर ली गई। हिटलर की मौत से जुड़ी कुछ थ्योरी में यह भी कहा गया कि वह किसी तरह बर्लिन से निकल भागने में कामयाब रहा।

Posted By : CRIME REVIEW
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