मनी लॉन्ड्रिंग केस : ED की वाड्रा से पांच घंटे की मैराथन पूछताछ, फिर भेजा जा सकता है सम्मन

क्राइम रिव्यू लखनऊ: धन शोधन के मामले में ईडी की रॉबर्ट वाड्रा से पूछताछ खत्म हो गई है। करीब पांच घंटे तक चली इस मैराथन पूछताछ के दौरान ईडी अधिकारियों ने वाड्रा से कई सवाल पूछे। प्रर्वतन निदेशालय रॉबर्ट वाड्रा को दोबारा सम्मन भेजा सकता है। वाड्रा ने ईडी अधिकारियों से लंदन में किसी भी तरह की संपत्ति होने से इन्कार किया है। इसके अलावा उन्होंने मनोज अरोड़ा को जानने की बात कही है।वाड्रा ने कहा कि मनोज अरोड़ा मेरा कर्मचारी था। हालांकि, उन्होंने संजय भंडारी और सुमित चड्ढा से किसी भी तरह के संबंधों से इन्कार किया है।

इससे पहले प्रियंका गांधी सफेद टोयोटा लैंड क्रूजर गाड़ी में उनके साथ थीं और उनके पीछे एसपीजी के सुरक्षार्किमयों की गाडिय़ां थीं। उन्होंने वाड्रा को मध्य दिल्ली के जामनगर हाउस स्थित एजेंसी के दफ्तर के सामने छोड़ा और वहां से फौरन अपनी गाडिय़ों के काफिले के साथ रवाना हो गईं। जानकारी अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय के सामने रॉबर्ट वाड्रा की पेशी पर प्रियंका गांधी ने कहा, 'मैं अपने पति के साथ खड़ी हूं। वह उन्हें एजेंसी के दफ्तर तक छोड़ने आई थीं।'

वाड्रा करीब तीन बजकर 47 मिनट पर ईडी के दफ्तर में दाखिल हुए। उनके वकीलों का एक दल पहले ही वहां पहुंच चुका था। यह पहला मौका है जब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के जीजा वाड्रा संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के आपराधिक आरोपों के सिलसिले में किसी जांच एजेंसी के समक्ष पेश हुए हैं। वाड्रा ने पहले इन आरोपों से इनकार किया था और कहा था कि राजनीतिक बदले के लिये उनके खिलाफ यह कार्रवाई की जा रही है।

दिल्ली की एक अदालत ने वाड्रा को केंद्रीय जांच एजेंसी से सहयोग करने को कहा था। वाड्रा ने मामले में अग्रिम जमानत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। अदालत ने उनसे लंदन से लौटने के बाद बुधवार को ईडी के समक्ष पेश होने के कहा था।

क्या है मामला
मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला लंदन स्थित एक प्रॉपर्टी की खरीदारी से जुड़ा है। वाड्रा के करीबी सहयोगी कहे जाने वाले सुनील अरोड़ा के खिलाफ ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है। इस मामले में अरोड़ा को कोर्ट से 16 फरवरी तक के लिए गिरफ्तारी से अंतरिम राहत मिल चुकी है। यह मामला लंदन के 12, ब्रायनस्टन स्क्वेयर स्थित 19 लाख पाउंड (करीब 17 करोड़ रुपए) की एक प्रॉपर्टी की खरीदारी में कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा हुआ है। ईडी का दावा है कि इस संपत्ति के असल मालिक रॉबर्ट वाड्रा हैं। कोर्ट में ईडी ने यह भी दावा किया कि वाड्रा और उनके सहयोगियों को 2009 में हुई पेट्रोलियम डील में भी पैसे मिले थे।

ईडी ने कोर्ट में कहा है कि लंदन स्थित फ्लैट को भगोड़े डिफेंस डीलर संजय भंडारी ने 16 करोड़ 80 लाख रुपए में खरीदा था। ईडी के मुताबिक मरम्मत के लिए इस पर 65,900 पाउंड का अतिरिक्त खर्चा होने के बावजूद भंडारी ने 2010 में इसी कीमत पर इसकी बिक्री वाड्रा के नियंत्रण वाली फर्म को कर दी। भंडारी के खिलाफ ऑफिशल सीक्रेट ऐक्ट के तहत 2016 में मुकदमा दर्ज किया था। हालांकि रॉबर्ट वाड्रा ने इन सभी आरोपों से इनकार किया है,उन्होंने कहा कि लंदन में उनकी कोई संपत्ति नहीं है। वाड्रा ने कहा कि मेरा संजय भंडारी और सुमित चड्ढ़ा से कोई संबंध नहीं है। रॉबर्ट वाड्रा ने पिछले दो घंटे से ईडी की पूछताछ जारी है।

Posted By : क्राइम रिव्यू सप्ताहिक अखबार लखनऊ
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