दरोगा की पोस्टिंग व प्रमोशन में आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर का सनसनीखेज दावा पूर्व डीजीपी बनर्जी व शर्मा ने फिक्स किए थे घूस के रेट

दरोगा की पोस्टिंग और प्रमोशन के रेट फिक्स करने में आगरा के जालसाज सपा नेता शैलेंद्र अग्रवाल के साथ जो दो पूर्व डीजीपी शामिल हैं, वे एएल बनर्जी व एसी शर्मा हैं। यह सनसनीखेज दावा किया है सूबे के नागरिक सुरक्षा संगठन के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) अमिताभ ठाकुर ने। उनके अनुसार दरोगाओं की पोस्टिंग के लिए बनर्जी ने सात लाख रुपये जबकि एसी शर्मा ने डीपीसी के लिए 20 लाख रुपये रेट फिक्स किए थे।
हालांकि एएल बनर्जी ने ऐसे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। वहीं, शर्मा से फोन पर संपर्क का प्रयास किया गया लेकिन जवाब नहीं मिला। ठाकुर ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व डीजीपी एके जैन को पत्र लिख कर दोनों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
आईपीएस अफसर अमिताभ ने दावा किया कि शैलेंद्र के पास दो पूर्व डीजीपी के एसएमएस मिलने की बात सामने आने पर वे इसकी पड़ताल में जुट गए थे। उन्होंने बताया कि उनकी निजी छानबीन में पूर्व डीजीपी एएल बनर्जी व एसी शर्मा का नाम सामने आया है।
•दोनों रिटायर्ड अफसरों पर कार्रवाई के लिए सीएम व डीजीपी को भेजा पत्र
करोड़ों रुपये की जालसाजी के मामले में एक मई से जिला जेल आगरा में बंद शैलेंद्र के मोबाइल की डिटेल में दरोगा की पेास्टिंग व डीपीसी दो तत्कालीन डीजीपी की पैसा वसूली का मसला सामने आया था। इसमें दरोगा की पोस्टिंग व डीपीसी कराकर उसे प्रमोशन देने के लिए रेट फिक्स किया गया था। पूर्व डीजीपी एएल बनर्जी ने कहा कि उनके ऊपर लग रहे आरोप सरासर गलत हैं। दरोगा की तैनाती एक कमेटी द्वारा की जाती है। जहां तक थानेदार की पोस्टिंग का सवाल है तो उसमें डीएम की भी सहमति ली जाती है। दुर्भाग्य की बात है कि इसमें उनक नाम घसीटा जा रहा है। जहां तक शैलेन्द्र अग्रवाल को जानने का प्रश्न है तो उनसे एक कार्यक्रम के दौरान मुलाकात हुई थी। डीजीपी बनने से पहले वह कभी-कभी उनके ऑफिस आकर मिला करता था। लेकिन पैसा लेकर पोस्टिंग की बात गलत है। उन्होंने कोई एसएमएस उन्हें किया, यह याद नहीं है।

Posted By : Crime Review
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