‘शर्ट = एक लाख, मिठाई = एक करोड़’

‘शर्ट = एक लाख, मिठाई = एक करोड़’
सपा नेता शैलेंद्र अग्रवाल की जालसाजी की कारस्तानियां कुछ जासूसी उपन्यासों सरीखी हैं। आलू कारोबारी शैलेंद्र ने अफसरों को भेजे एसएमएस में ऐसी कोड भाषा का इस्तेमाल किया है जो पुलिस के लिए भी पहेली बनी है। उसके एसएमएस में ‘शर्ट’, ‘मिठाई’ और ‘मुर्गा’ जैसे शब्दों की बहुतायत है।
शैलेंद्र ने एसएमएस में एक दो तीन नहीं, 50 शर्ट लाने की बात कही है। भला कोई एक साथ इतनी शर्ट का क्या करेगा? पुलिस को संदेह है कि शर्ट लेनदेन का कोड है। संभवत: एक शर्ट एक लाख की ओर इशारा करती है। मतलब 50 लाख। इसी तरह भला कोई मिठाई का डिब्बा लाने की बात एसएमएस पर क्यों बताएगा? वो भी उस अधिकारी को जो मीठा बहुत कम खाता हो? यह एक करोड़ रुपये का कोड वर्ड हो सकता है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि वह अधिकारी हार्डकोर नानवेज, लेकिन एसएमएस में मुर्गा आने का जिक्र किया गया है। शैलेंद्र को रिमांड पर लेकर इन एसएमएस के बारे में भी सवाल किए जाएंगे। तभी पता चलेगा कि राज क्या है? खास बात यह भी रही कि आईएएस अधिकारी ने कोड वर्ड इस्तेमाल किए, जबकि आईपीएस ने खुल्लम खुल्ला लिखा।
जालसाज सपा नेता शैलेंद्र की जालसाजी के कोड बने पुलिस के लिए पहेली कॉल डिटेल में एक और पूर्व डीजीपी
आगरा (ब्यूरो)। आगरा। जेल में बंद जालसाज सपा नेता शैलेंद्र अग्रवाल की कॉल डिटेल से दो और पुलिस अधिकारियों के चेहरे से नकाब उतर गया है। इनमें से एक डीजीपी रह चुका है तो दूसरा आगरा जोन के आईजी पद पर, जो आजकल किसी और जगह तैनात है। उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले जालसाज की कॉल डिटेल खंगालने पर उसके दो पूर्व डीजीपी से कनेक्शन मिले थे। सत्ता के शिखर पर रह चुके इन दोनों अधिकारियों के नाम का उन्हीं के कैडर के एक अधिकारी ने खुलासा कर दिया था। प्रदेश की राजधानी में मंगलवार को यह खबर सुर्खियों में रही। मिली जानकारी के मुताबिक सीबीआई की टेक्निकल विंग की मदद से शैलेंद्र के मोबाइल के एसएमएस डिकोड करते ही तमाम चौंकाने वाले और सनसनीखेज रहस्यों से परदा उठने लगा है। पूर्व डीजीपी एएल बनर्जी और एसी शर्मा से शैलेंद्र के कनेक्शन पहले ही सामने आ चुके हैं।
पेशी पर वीआईपी ट्रीटमेंट
आगरा (ब्यूरो)। जालसाज सपा नेता शैलेंद्र अग्रवाल के ठाठबाट में कोई कमी नहीं आई है। बुधवार को उसे दीवानी में तीन मामलों में पेशी पर लाया गया। पेशी के बाद जालसाज दो घंटे तक गायब रहा। दीवानी की हवालात में नहीं लाकर उसे दीवानी में दूसरे स्थान पर ले जाया गया। दोपहर साढ़े 12 बजे उसे दीवानी हवालात में लाया गया, जहां से कुछ देर बाद ही जेल भेज दिया गया।
करोड़ों रुपये की जालसाजी और पुलिस अफसरों से संबंधों के चलते चर्चा में आए शैलेंद्र अग्रवाल को बुधवार की सुबह तकरीबन साढ़े नौ बजे दीवानी में पेशी पर लाया गया।
डीआईजी आगरा को सौंपी जांच
लखनऊ (ब्यूरो)। दो पूर्व डीजीपी पर पोस्टिंग और प्रमोशन के लिए घूस का रेट फिक्स करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। सरकार ने जहां डीआईजी आगरा को इस प्रकरण की जांच सौंपी है, वहीं आईपीएस अफसरों की एसोसिएशन ने दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
इस मुद्दे पर बुधवार को बुलाई गई आपात बैठक में एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि दोषी चाहे कितने बड़े पद पर हों, भ्रष्टाचार के मुद्दे पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनानी चाहिए। उधर, राज्य सरकार ने आगरा की डीआईजी लक्ष्मी सिंह को मामले की जांच की जिम्मेदारी सौंप दी है। सरकार का पक्ष रखते हुए आईज़ी कानून-व्यवस्था सतीश गणेश ने बताया कि डीआईजी आगरा को मुकदमा दर्ज कराकर निष्पक्ष जांच कराने को कहा गया है। आगरा के जालसाज सपा नेता शैलेंद्र अग्रवाल के साथ घूसखोरी के मामले में शामिल यूपी के पूर्व डीजीपी एसी शर्मा और आनंद लाल बनर्जी का नाम आने के बाद बुधवार को आईपीएस एसोसिएशन की आपात बैठक हुई। कार्यकारिणी के सदस्यों ने भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने की बात कही। एसोसिएशन के सचिव सुजीत पांडेय ने बताया कि चाहे कितने ही बड़े पद पर बैठा अधिकारी हो, एसोसिएशन भ्रष्टाचार के मसले पर किसी का साथ नहीं दे सकती। इस मामले में एसोसिएशन ने शीघ्र निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। एसोसिएशन ने अपनी मंशा जाहिर करते हुए मुख्य सचिव आलोक रंजन व डीजीपी एके जैन को पत्र लिखा है। इसमें प्रकरण की यथाशीघ्र जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा गया है।
जरा भी नहीं डरे पूर्व डीजीपी
एक पूर्व डीजीपी तो शैलेंद्र से इतने खुल गए थे कि दिन में कई बार एसएमएस करते थे। पैसे के लेन देन की बातचीत एसएमएस पर होती थी। उन्हें इस बात का डर नहीं रहा कि अगर कभी यह राज खुला तो उनका क्या होगा? पूर्व डीजीपी को शैलेंद्र ने अपने बैंक से भी लाखों रुपये ट्रांसफर किए।

आईएएस अफसर का लेन-देन सबसे ज्यादा
पुलिस सूत्रों का कहना है कि शैलेंद्र के एकाउंट से लेनदेन के मामले में सबसे ज्यादा एक आईएएस अधिकारी के साथ हैं, जो आगरा में डीएम रहे हैं। उन्होंने जमीन में भी खूब पैसा लगाया।

Posted By : Crime Review
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